धान की खरीद गत वर्ष से 24 प्रश अधिक
काटन खरीद 65.10 लाख गांठ
एक ओर जहां किसान तीन कृषि बिलों को वापिस लेने की मांग को लेकर लगभग तीन सप्ताह से दिल्ली की सीमाओं पर डटे हुए हैं क्योंकि उन्हें डर है कि सरकार एमएसपी पर खरीद बंद कर देगी वहीं दूसरी ओर सरकारी एजंेसियां खरीफ फसलों की जोरशोर से खरीद कर रही हैं।
सरकार का कहना है कि बुधवार तक सरकारी एजेंसियांे ने देश के विभिन्न भागों में 20 लाख टन धान की खरीद की है जो गत वर्ष की इसी अवधि की खरीद 352.70 लाख टन की तुलना में 24 प्रतिशत अधिक है।
पंजाब में सरकार ने सबसे अधिक-202.77 लाख टन- की खरीद की है जो कुल खरीद का 47 प्रतिशत भाग है।
सरकार पंजाब के अतिरिक्त हरियाणा, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, उत्तराखंड, चंडीगढ़, तमिलनाडु, छत्तीस गढ़, मध्य प्रदेश, बिहार, ओडिसा और अन्य धान उत्पादक राज्यों में निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद कर रही है।
दलहन-तिलहन
सरकारी एजेंसियां निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्यों पर खरीफ दलहन, मूंग, उड़द, अरहर के अतिरिक्त सोयाबीन और मूंगफलल आदि खरीफ तिलहनों की खरीद भी कर रही है लेकिन उन्हें अधिक माल नहीं मिल रहा है क्योंकि बाजार में भाव एमएसपी से ऊपर चल रहे हैं।
सरकार ने 51.66 लाख टन दलहनों और तिलहनों को खरीदने का इंतजाम किया हुआ है।
सरकारी एजेंसियों ने अब तक एमएसपी पर 2.24 लाख टन मूंग, उड़द, मूंगफली और सोयाबीन की खरीद की है।
इसमें लगभग 1.80 लाख टन केवल मूंगफली ही है।
मूंग, उड़द और सोयाबीन के बाजार भाव सरकार द्वारा तय एमएसपी से अधिक चल रहे हैं और किसान अपने उत्पाद व्यापारियों को बेच रहे हैं।
सरकार ने 1.23 लाख टन कोपरा खरीदने का भी फैसला किया है लेकिन अभी तक 5,089 टन कोपरा ही मिल पाया है।
काटन
सरकारी एजेंसी काटन कार्पोरेशन आफ इंडिया यानि सीसीआई ने 65 लाख टन काटन की खरीद की है।
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